हर महीने की पहली तारीख़ की स्थितियाँ
| महीना | ☉ | ☽ | ☿ | ♀ | ♂ | ♃ | ♄ | ♅ | ♆ | ♇ | ☊ | ⚷ | ⚸ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 10♑︎19′ | 24♎︎36′ | 9♑︎54′ | 23♏︎29′ | 9♍︎52′ | 26♌︎26′ ℞ | 8♈︎19′ | 2♊︎17′ ℞ | 1♈︎43′ | 4♒︎20′ | 21♒︎27′ ℞ | 26♈︎16′ ℞ | 24♐︎13′ | |
| 11♒︎52′ | 10♐︎25′ | 29♒︎55′ | 27♐︎01′ | 7♍︎25′ ℞ | 23♌︎21′ ℞ | 10♈︎16′ | 1♊︎42′ ℞ | 2♈︎18′ | 5♒︎19′ | 20♒︎35′ ℞ | 26♈︎34′ | 7♑︎13′ | |
| 10♓︎10′ | 18♐︎47′ | 21♒︎16′ ℞ | 29♑︎40′ | 27♌︎08′ ℞ | 19♌︎45′ ℞ | 13♈︎04′ | 1♊︎52′ | 3♈︎12′ | 6♒︎09′ | 20♒︎23′ | 27♈︎33′ | 15♑︎47′ ℞ | |
| 11♈︎02′ | 2♒︎17′ | 17♓︎24′ | 6♓︎49′ | 20♌︎55′ ℞ | 17♌︎13′ ℞ | 16♈︎49′ | 2♊︎47′ | 4♈︎20′ | 6♒︎51′ | 19♒︎18′ | 29♈︎10′ | 20♑︎10′ ℞ | |
| 10♉︎24′ | 4♓︎06′ | 12♉︎54′ | 13♈︎08′ | 25♌︎30′ | 17♌︎29′ | 20♈︎34′ | 4♊︎15′ | 5♈︎25′ | 7♒︎10′ | 16♒︎45′ ℞ | 1♉︎00′ | 22♑︎33′ ℞ | |
| 10♊︎18′ | 20♈︎09′ | 2♋︎45′ | 20♉︎49′ | 7♍︎09′ | 20♌︎24′ | 24♈︎02′ | 6♊︎02′ | 6♈︎15′ | 7♒︎02′ ℞ | 13♒︎43′ ℞ | 2♉︎45′ | 23♑︎52′ ℞ | |
| 8♋︎58′ | 25♉︎53′ | 28♊︎01′ ℞ | 27♊︎26′ | 22♍︎05′ | 25♌︎07′ | 26♈︎33′ | 7♊︎43′ | 6♈︎38′ | 6♒︎35′ ℞ | 11♒︎54′ ℞ | 4♉︎01′ | 1♒︎42′ ℞ | |
| 8♌︎33′ | 18♋︎23′ | 27♋︎05′ | 5♌︎31′ | 9♎︎50′ | 1♍︎11′ | 27♈︎48′ | 9♊︎06′ | 6♈︎31′ ℞ | 5♒︎54′ ℞ | 11♒︎29′ ℞ | 4♉︎38′ | 9♒︎55′ ℞ | |
| 8♍︎21′ | 12♍︎02′ | 26♍︎05′ | 13♍︎50′ | 29♎︎18′ | 7♍︎50′ | 27♈︎27′ ℞ | 9♊︎52′ | 5♈︎58′ ℞ | 5♒︎13′ ℞ | 11♒︎20′ ℞ | 4♉︎24′ ℞ | 19♒︎26′ ℞ | |
| 7♎︎35′ | 19♎︎33′ | 2♏︎41′ | 21♎︎05′ | 19♏︎28′ | 14♍︎16′ | 25♈︎43′ ℞ | 9♊︎50′ ℞ | 5♈︎10′ ℞ | 4♒︎49′ ℞ | 9♒︎51′ ℞ | 3♉︎27′ ℞ | 28♒︎09′ ℞ | |
| 8♏︎20′ | 8♐︎30′ | 20♎︎20′ | 29♏︎36′ | 11♐︎34′ | 20♍︎16′ | 23♈︎19′ ℞ | 9♊︎05′ ℞ | 4♈︎22′ ℞ | 4♒︎47′ | 6♒︎34′ ℞ | 2♉︎02′ ℞ | 28♒︎02′ ℞ | |
| 8♐︎33′ | 11♑︎40′ | 2♐︎28′ | 6♑︎48′ | 3♑︎57′ | 24♍︎48′ | 21♈︎30′ ℞ | 7♊︎54′ ℞ | 3♈︎54′ ℞ | 5♒︎11′ | 3♒︎37′ ℞ | 0♉︎46′ ℞ | 26♒︎19′ ℞ |
℞ वक्री गति वाले पिंड को दर्शाता है।
पिंडों के चिह्न
☉ सूर्य · ☽ चंद्र · ☿ बुध · ♀ शुक्र · ♂ मंगल · ♃ बृहस्पति · ♄ शनि · ♅ यूरेनस · ♆ नेपच्यून · ♇ प्लूटो · ☊ उत्तर नोड (स्पष्ट) · ⚷ काइरन · ⚸ लिलिथ (तात्कालिक अपभू)
राशियों के चिह्न
♈︎ मेष · ♉︎ वृषभ · ♊︎ मिथुन · ♋︎ कर्क · ♌︎ सिंह · ♍︎ कन्या · ♎︎ तुला · ♏︎ वृश्चिक · ♐︎ धनु · ♑︎ मकर · ♒︎ कुंभ · ♓︎ मीन
2027 में वक्री गति के ठहराव और ग्रहण
| घटना | क्षण, UTC | और जानें |
|---|---|---|
| काइरन मेष में मार्गी होता है | आपकी कुंडली में | |
| मंगल कन्या में वक्री होता है | आपकी कुंडली में | |
| कुंभ में सूर्य ग्रहण | आपकी कुंडली में आकाशीय घटनाएँ | |
| यूरेनस मिथुन में मार्गी होता है | वक्री ग्रह | |
| बुध मीन में वक्री होता है | बुध वक्री की तारीख़ें | |
| कन्या में चंद्र ग्रहण | आपकी कुंडली में आकाशीय घटनाएँ | |
| बुध कुंभ में मार्गी होता है | बुध वक्री की तारीख़ें | |
| मंगल सिंह में मार्गी होता है | आपकी कुंडली में | |
| प्लूटो कुंभ में वक्री होता है | वक्री ग्रह | |
| बुध कर्क में वक्री होता है | बुध वक्री की तारीख़ें | |
| बुध मिथुन में मार्गी होता है | बुध वक्री की तारीख़ें | |
| नेपच्यून मेष में वक्री होता है | वक्री ग्रह | |
| सिंह में सूर्य ग्रहण | आपकी कुंडली में आकाशीय घटनाएँ | |
| काइरन वृषभ में वक्री होता है | वक्री ग्रह | |
| शनि मेष में वक्री होता है | वक्री ग्रह | |
| यूरेनस मिथुन में वक्री होता है | वक्री ग्रह | |
| बुध वृश्चिक में वक्री होता है | बुध वक्री की तारीख़ें | |
| प्लूटो कुंभ में मार्गी होता है | वक्री ग्रह | |
| बुध तुला में मार्गी होता है | बुध वक्री की तारीख़ें | |
| नेपच्यून मेष में मार्गी होता है | वक्री ग्रह | |
| शनि मेष में मार्गी होता है | वक्री ग्रह |
महीनेवार दैनिक तालिकाएँ
- जनवरी 2027
- फ़रवरी 2027
- मार्च 2027
- अप्रैल 2027
- मई 2027
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- अक्टूबर 2027
- नवंबर 2027
- दिसंबर 2027
तालिका कैसे पढ़ें
हर खाने में अंश, राशि और कला दी गई है: 17♎︎23′ का अर्थ है तुला के 17 अंश 23 कला। किसी स्थिति के बाद ℞ का अर्थ है कि उस दिन वह पिंड वक्री है। स्थितियाँ भूकेंद्रीय और सायन हैं, और 00:00 सार्वभौमिक समय (UT) की हैं।
गणना NatalChart.AI ने Swiss Ephemeris से की है, उसी इंजन से जिस पर हमारी कुंडलियाँ और ज्योतिष API चलते हैं। नोड स्पष्ट नोड है, और लिलिथ चंद्र का तात्कालिक अपभू है। इन स्थितियों को अपनी कुंडली में रखकर देखने के लिए अपनी जन्म कुंडली की गणना करें।
सवाल-जवाब
ज्योतिष में एफ़ेमेरिस क्या है?
यह एक तालिका है जो बताती है कि हर दिन सूर्य, चंद्र और ग्रह राशिचक्र में कहाँ हैं। ज्योतिषी इससे गोचर देखते हैं, वक्री अवधियाँ खोजते हैं और जन्म कुंडली को हाथ से जाँचते हैं।
00:00 UT ही क्यों?
दैनिक एफ़ेमेरिस के लिए सार्वभौमिक समय की आधी रात सामान्य संदर्भ है। दिन के किसी दूसरे समय की बात करें, तो चंद्र एक घंटे में लगभग आधा अंश चलता है; ग्रह इससे कहीं धीमे चलते हैं।
यह एफ़ेमेरिस सायन (ट्रॉपिकल) है या निरयन (साइडरियल)?
सायन और भूकेंद्रीय, जैसा पाश्चात्य ज्योतिष में होता है। दोनों का अंतर जानने के लिए देखें: सायन बनाम निरयन।